It is recommended that you update your browser to the latest browser to view this page.

Please update to continue or install another browser.

Update Google Chrome

Saffron Foot Massage4500/-

पैरों की मालिश के लिए आयुर्वेद में कांस्य का काफी महत्व हैं

फुट मसाज के फायदे

  • फटी एड़ियों को भर कर चिकना बनाती है
  • थकान उतारी में सहायक
  • आंखों की रौशनी बाड़ने में मदद मिलती है
  • हाथ पैरों में सुन्न होने की समस्या को दूर करता है
  • त्वचा को कांतिमय (ग्लोइंग) बनता है
  • मानसिक बिमारियों से बचने में मददगार
  • श्रवण क्षमता तथा नेत्र ज्योति में सहायक
  • नींद न आने की समस्या में सुधार जाता है।
  • स्ट्रेस, एजाडरी, सिर दर्द, हाइपर टेंशन जैसी बिमारियों से बचाता है
  • ब्लड सर्क्युलेशन बहता है
  • जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों की अदन में सुधार लाता है
  • डिप्रेशन या मानसिक / शारीरिक असंतुलन को दूर करने में सहायक

कांसे की वाटी से पैरों के तलवों की मालिश क्यों करना चाहिए ?

हमारे पास आयुर्वेद पर एक किताब है जो की कहती है 'पदभयंग मुख्य उपचार गाय के घी या नारियल के तेल तेल को को एक एक कांसे की पाटी से पैरों पर रगड़ना है। इसके लाभ इस प्रकार है:

  • शरीर में वात की मात्रा को कम करने के लिए
  • शरीर में अतिरिक्त गर्मी को कम करने के लिए
  • आंखों की मांसपेशियों को उत्तेजित करने के लिए
  • शरीर की थकान कम करने और ठंडक बढ़ाने के लिए
  • मधुमेह के कारण पैर की सनसनी को कम करने के लिए
  • अनिद्रा की समस्या नियंत्रित करने के लिए
  • पित की समस्याओं को कम करने के लिए
  • घुटनों का दर्द, एड़ी में दर्द, पीठ के निचले हिस्सी में दर्द जैसे दर्द की मात्रा को कम करने के लिए
  • पैरो की सूजन कम करने के लिए
  • तलवों के फटने और पैरो में जलन की समस्या को कम करने के लिए
  • वैरिकोज़ नसों पर उपयोगी
  • आंखों के नीचे काले घेरे कम करने के लिए
  • चेहरे पर काले धब्बे कम करने के लिए
  • भवप्रकाश इस ग्रंथ में कहते है 'कंस्यम बुध्दिवर्धकम'।

एक कहावत है 'पैरो कतै तलवों की आग सिर तक जाती है और यह सचमुच सच है।

यह उपचार वातदोष के लक्षणों को कम करने में काफी कारगर पाया है, जो कर्ड चीमारियों की जड़ है। संस्कृत में एक ब्रोक है जी कहता है।

जो व्यक्ति सोने से पहले अप्से पैरों की मालिश करता है, बीमारियों से बच सकता है जिस तरह माप बात से बचता है। हमारे शरीर में 72000 नसे है, जिनमें से अधिकार हाथ की हथेलियों और पैरों के तलयों में समास होती है, इसलिए हवेली की मालिश कई बीमारियों के लिए एक उपचारात्म और कम लागत वाला उपाय है।

कैसे इस्तेमाल करे ?

स्टेप 1

इलेक्ट्रिक व्हिटीज पादाभ्यग महीन में तेल या भी ले पैरों पर धीरे से लगाएं (पैर गीले हो आप इतनाही)

स्टेप 2

लाल बटन दबाकर मशीन सालू करें फिर दबाव डालकर पैर पर घुमाएं (एक पैर पर कम से कम 10 मिनट से लेकर अधिकतम)

स्टेप 3

अगर पैर पर का तेल सूजा गया हो तो फिर से थोड़ा सा तेल डालें। दूसे पैर पर भी नहीं दोहराएं

स्टेप 4

अगर आपके पैर काले पड़ जाएं ती घबराएं नहीं पौछ के साफ कर

स्टेप 5

विशेषतः पैर मालिश रात में सोते समय कर ले (सर्वोतम परिणामों के लिए अपने पैरों की कम से कम 2 घंटे तक)